जुम्मा की नमाज - गुसल सूरह कहफ खुतबा और तरीका
जुम्मा सूरज निकलने वाला सबसे अच्छा दिन है - गुसल जल्दी आना सूरह कहफ खूब दुरूद खुतबा और दो फर्ज - मगरिब से पहले कुबूलियत की घडी
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How to
Steps in order
- 1जुम्मे का गुसल करें अच्छे कपड़े पहनें और खुशबू लगाएं
- 2जल्दी आएं तहियतुल मस्जिद पढ़ें और सूरह कहफ पढ़ें
- 3खुतबा पूरी खामोशी से सुनें
- 4इमाम के साथ दो फर्ज फिर सुन्नतें पढ़ें और मगरिब से पहले कुबूलियत की घडी तलाशें
जुम्मे का मामूल
जुम्मे का गुसल करें अच्छे कपड़े पहनें खुशबू लगाएं और जल्दी आएं - इमाम के चढने तक फरिश्ते नाम लिखते हैं - चार सुन्नत या तहियतुल मस्जिद पढ़ें फिर खुतबा खामोशी से सुनें - दूसरे को चुप कहना भी सवाब तोड देता है
सूरह कहफ पढ़ें - दोनों जुम्मों के बीच नूर - खूब दुरूद भेजें - असर के बाद मगरिब से पहले कुबूलियत की घडी में दुआ मांगें
नमाज और बाद में
इमाम के पीछे दो फर्ज पढ़ें फिर बाद में दो जमा दो सुन्नत पढ़ें - जो इमाम के साथ एक रकात पाए उसने जुम्मा पाया - जो छूट जाए वह चार रकात जुहर पढ़े
औरतें मुसाफिर बीमार और बच्चे छूट वाले हैं और जुहर पढ़ें - माहवारी वाली औरतें आराम करें - जुम्मा नाखून काटने और ज्यादा सदके का भी दिन है
Sources & review
Sahih al-Bukhari and Sahih Muslim (Jumuah ghusl, early arrival, khutbah silence, answered hour)
Learn personal details from a qualified teacher; minor school differences exist.
Educational content — not a fatwa. See methodology and disclaimer.
Reviewed • 2026-01-01Our methodology
FAQ
Frequently asked questions
जुम्मे में कुबूलियत की घडी कब है
ज्यादा उम्मीद असर के बाद मगरिब से पहले आखिरी घडी में है - उसे दुआ और दुरूद में लगाएं
खुतबे के दौरान आया तो पढूं या बैठूं
दो हल्की तहियतुल मस्जिद पढ़कर बैठें - यही हुक्म दिया गया था
जुम्मा पूरी तरह छूट जाए तो
चार रकात जुहर पढ़ें - इमाम के साथ एक रकात पाने वाला जुम्मा पा गया
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