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Hikmah Noor
GuidePrayer (Salah)✆

गुस्ल का तरीका - कब और कैसे

बडी नापाकी दूर करने के लिए पूरे शरीर पर पानी बहाना गुस्ल है. हमबिस्तरी, स्वप्नदोष, हैज और निफास के बाद यह जरूरी है और जुमे व ईद के लिए सुन्नत है.

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How to

Steps in order

  1. 1नियत करें बिस्मिल्लाह कहें और दोनों हाथ व गुप्त अंग धोएं.
  2. 2नमाज जैसा पूरा वुजू करें.
  3. 3सिर पर तीन बार पानी डालें और जडों तक मलें.
  4. 4पहले दाएं फिर बाएं कंधे पर पानी डालें और पूरा शरीर तीन बार धोएं.

गुस्ल कब जरूरी है

बडी नापाकी में नमाज और तिलावत रुक जाती है इसलिए लक्षण समझें और जल्दी गुस्ल करें.

जुमे और ईद का गुस्ल और एहराम से पहले गुस्ल सुन्नत है फर्ज नहीं.

सुन्नत तरीका

नियत, बिस्मिल्लाह, हाथ और गुप्त अंग की सफाई, फिर पूरा वुजू, फिर सिर से शुरू करके पूरे शरीर पर तीन बार पानी ताकि कोई जगह सूखी न रहे.

चोटी खोलना जरूरी नहीं अगर जडों तक पानी पहुंचे और अंगूठी व बाली हिलाएं ताकि नीचे पानी जाए.

Sources & review

Method in Sahih al-Bukhari and Sahih Muslim (ghusl of the Prophet, peace be upon him)

Learn personal details from a qualified teacher; minor school differences exist.

Educational content — not a fatwa. See methodology and disclaimer.

Reviewed • 2026-01-01Our methodology

FAQ

Frequently asked questions

क्या हर स्वप्नदोष के बाद गुस्ल जरूरी है

हां अगर तरल निकले तो गुस्ल जरूरी है बिना निकले केवल सपने से कुछ नहीं.

क्या गुस्ल में देर हो सकती है

बिना कारण देर नापसंद है नमाज समय पर पढें और गुस्ल तक नमाज व मस्जिद में ठहरने से बचें.

क्या गुस्ल से वुजू हो जाता है

वुजू के साथ किया गया गुस्ल नमाज के लिए काफी है इसलिए गुस्ल में वुजू जरूर करें.

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