Morning & Evening Duas
Start and end your day with remembrance, protection and forgiveness.
FAQ
Frequently asked questions
Which morning & evening duas are included?
सुबह की दुआ (बिका असबहना); शाम की दुआ बीका अमसैना; सय्यिदुल इस्तिगफार (क्षमा की श्रेष्ठ दुआ); सुबह इल्म रिज्क और कबूल अमल की दुआ; शाम की सुरक्षा की दुआ; सुबहानल्लाह व बिहम्दिही सौ बार; सुबह की बादशाहत वाली दुआ अस्बहना; शाम की बादशाहत की दुआ; रदीतु बिल्लाह संतोष की दुआ; माफी और आफियत की दुआ; शरीर कान और आंख की आफियत की दुआ; हस्बियल्लाहु सात बार; सुब्हानल्लाह अदद खल्किही तीन बार; हर नेमत पर शुक्र की दुआ; उशहिदुक तौहीद की गवाही चार बार; सुबह शाम आयतुल कुर्सी; ला इलाहा वहदहू सौ बार; अजिरनी मिनन्नार आग से पनाह; या हय्यु या कय्यूम सब काम संवार दे; फातिरस समावात सुबह की दुआ; आज के दिन की भलाई वाली दुआ; बिस्मिल्लाहिल्लजी सुबह शाम तीन बार; असबहना अला फितरतिल इस्लाम; दो हल्के कलमे भारी तराजू; हश्र की आखिरी आयतें सुबह; फज्र और मगरिब के बाद दस बार ला इलाहा. Open any dua for Arabic text, transliteration, meaning, narrator, grade and source.
Are these morning & evening duas authentic?
Every dua names its source (Quran passage or hadith collection) without invented numbers, plus narrator where known and a Sahih/Hasan/Daif or Quranic grade. Learn wording from a teacher; consult scholars for rulings.
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