तयम्मुम का तरीका - कब और कैसे
जब पानी न मिले या पानी से नुकसान हो जैसे सफर, बीमारी या सख्त ठंड, तब पाक मिट्टी से तयम्मुम की छूट है.
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How to
Steps in order
- 1पाकी की नियत करें और बिस्मिल्लाह कहें.
- 2दोनों हथेलियां एक बार पाक मिट्टी या पत्थर पर मारें.
- 3दोनों हथेलियों से पूरा चेहरा एक बार मलें.
- 4बाएं से दायां और दाएं से बायां हाथ कलाई तक मलें.
तयम्मुम कब जायज है
पानी न मिले, पीने के लिए बचाना हो, जख्म को नुकसान हो या बीमारी का डर हो तब तयम्मुम वुजू या गुस्ल की जगह लेता है.
जैसे ही पानी मिले या मजबूरी खत्म हो छूट खत्म होती है फिर पानी से नमाज पढें.
तयम्मुम का तरीका
नियत और बिस्मिल्लाह के बाद दोनों हथेलियां पाक मिट्टी या पत्थर पर मारें, फूंकें, पूरा चेहरा मलें फिर दोनों हाथ कलाई तक मलें.
एक तयम्मुम से एक नमाज का समय हनफी मत में है दूसरे मतों में अधिक छूट है अपने उलमा से पूछें.
Sources & review
Quran 4:43 and 5:6; Sahih al-Bukhari and Sahih Muslim
Learn personal details from a qualified teacher; minor school differences exist.
Educational content — not a fatwa. See methodology and disclaimer.
Reviewed • 2026-01-01Our methodology
FAQ
Frequently asked questions
क्या दीवार या सामान की धूल से तयम्मुम होगा
हां मिट्टी जैसी हर चीज जिस पर धूल हो जैसे पत्थर और कच्ची मिट्टी से हो जाता है.
क्या तयम्मुम वुजू की तरह टूटता है
हां वही तोडने वाली चीजें लागू हैं और पानी मिलना या मजबूरी खत्म होना भी तोड देता है.
क्या बाद में नमाज दोहरानी होगी
सही तयम्मुम से समय पर नमाज पूरी हो जाती है हनफी मत में दोहराना नहीं है.
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