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Hikmah Noor
GuidePrayer (Salah)✆

नमाज के बाद के अजकार: तस्बीह का सही तरीका

सलाम के बाद क्रम से: सुभानअल्लाह 33 बार, अल्हम्दुलिल्लाह 33 बार, अल्लाहु अकबर 34 बार, आयतुल कुर्सी और मुअव्विजात का पूरा मामूल।

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How to

Steps in order

  1. 1सलाम के बाद 3 बार इस्तिगफार फिर अल्लाहुम्मा अंतस्सलाम पढें।
  2. 2सुभानअल्लाह 33 बार, अल्हम्दुलिल्लाह 33 बार, अल्लाहु अकबर 34 बार गिनें।
  3. 3एक बार तहलील पढें और आयतुल कुर्सी पढें।
  4. 4मुअव्विजात पढें, फजर मगरिब के बाद तीन बार।
  5. 5फजर मगरिब में दस बार तहलील और सात बार अजिरनी बढाएं, सुबह शाम के अजकार वक्त पर करें।

सही क्रम में मामूल

सलाम के बाद बैठे रहें। तीन बार अस्तगफिरुल्लाह फिर अल्लाहुम्मा अंतस्सलाम पढें। फिर सुभानअल्लाह 33 बार, अल्हम्दुलिल्लाह 33 बार, अल्लाहु अकबर 34 बार। इससे समंदर झाग बराबर गुनाह माफ होते हैं। फिर एक बार तहलील, आयतुल कुर्सी और मुअव्विजात हर नमाज के बाद एक बार, फजर मगरिब के बाद तीन बार।

यह मामूल पांच मिनट से कम है। वुजू से जगह पर बैठे को फरिश्ते दुआ देते हैं। घर में पढने वाली औरत को भी यही सवाब है। जगह नहीं, दिल की हाजिरी अहम है। गिनती के लिए तस्बीह टूल मदद कर सकता है।

फजर मगरिब के इजाफे और आम गलतियां

फजर मगरिब के बाद बढाएं: तहलील दस बार, अल्लाहुम्मा अजिरनी मिनन्नार सात बार और सुबह शाम की दुआ तीन बार। सुबह के अजकार फजर के साथ, शाम के असर या मगरिब के साथ जोडें। नमाज से जोडने से पाबंदी आसान होती है।

आम गलतियां: बिना समझे तेज गिनती, बीच में बातें, आयतुल कुर्सी छोडना और मामूल को हमेशा छोडना। यह सुन्नत है पर नबी ने कभी नहीं छोडा। पांच मिनट पांच नमाज के साथ जन्नत जैसा सवाब।

Sources & review

Sahih Muslim (33/34 tasbih; sins forgiven); Sunan al-Nasai (Ayatul-Kursi after prayer); Sunan al-Tirmidhi (tenfold tahlil); Sahih al-Bukhari (angels’ supplication)

Learn personal details from a qualified teacher; minor school differences exist.

Educational content — not a fatwa. See methodology and disclaimer.

Reviewed • 2026-01-01Our methodology

FAQ

Frequently asked questions

नमाज के बाद कौन सी तस्बीह है

सुभानअल्लाह 33 बार, अल्हम्दुलिल्लाह 33 बार, अल्लाहु अकबर 34 बार, फिर तहलील, आयतुल कुर्सी और मुअव्विजात। पांच मिनट में गुनाह माफ होते हैं।

फजर मगरिब के बाद क्या खास पढें

दस बार तहलील, सात बार अल्लाहुम्मा अजिरनी मिनन्नार, तीन बार मुअव्विजात और सुबह शाम के अजकार। सब दुआ पेज पर हैं।

क्या काउंटर या फोन इस्तेमाल कर सकते हैं

जी हां। उंगली सबसे अच्छी है पर काउंटर और तस्बीह टूल मदद हैं। दिल की हाजिरी औजार से अहम है।

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