तहज्जुद की नमाज - समय और तरीका
सोकर उठकर रात के आखिरी हिस्से में पढी जाने वाली नमाज तहज्जुद है. फर्ज के बाद सबसे उत्तम नमाज यही है.
Also searched as: tahajjud ka tarika | tahajjud time | tahajjud rakats | tahajjud namaz method | qiyam ul layl | तहज्जुद का तरीका | तहज्जुद का समय
How to
Steps in order
- 1सोएं फिर रात के आखिरी तिहाई में उठें और वुजू करें.
- 2पहले दो हल्की रकात फिर दो दो करके आठ तक ठहरकर पढें.
- 3रात की शुरुआती दुआ पढें और लंबे सजदे में निजी दुआ करें.
- 4एक या तीन रकात वितर कुनूत दुआ के साथ बंद करें.
- 5फज्र से पहले इस्तिगफार और दुआ के साथ खत्म करें.
समय और रकात
पहले सोएं फिर मगरिब से फज्र तक रात के तीन हिस्सों में आखिरी तिहाई में उठें. दो दो करके प्राय आठ रकात पढें फिर वितर के साथ बंद करें नबी प्राय वितर सहित ग्यारह पढते थे.
पहले दो हल्की रकात पढें, ठहरकर लंबी किरात करें और फज्र से पहले खत्म करें रोज दो रकात भी कभी कभी लंबी रात से बेहतर है.
पढने का तरीका
मिस्वाक और वुजू करके रात की शुरुआती दुआ पढें जिसका अरबी पाठ दुआ पेज पर है.
हर दो रकात के बाद थोडी देर ठहरें फिर एक या तीन वितर पढें और खूब दुआ करें क्योंकि आखिरी तिहाई कबूलियत का समय है.
Sources & review
Sahih al-Bukhari and Sahih Muslim (night prayer; Allah’s descent in the last third)
Learn personal details from a qualified teacher; minor school differences exist.
Educational content — not a fatwa. See methodology and disclaimer.
Reviewed • 2026-01-01Our methodology
FAQ
Frequently asked questions
रात का आखिरी तिहाई कब होता है
मगरिब से फज्र तक समय को तीन बराबर हिस्सों में बांटें आखिरी हिस्सा कबूलियत का समय है प्राय फज्र से पहले डेढ घंटा उसी में है.
तहज्जुद में कितनी रकात हैं
दो दो करके कोई तय सीमा नहीं नबी की प्राय आदत आठ जमा तीन वितर थी पर रोज दो रकात भी प्यारा अमल है.
क्या बिना सोए तहज्जुद होगी
बिना सोए रात की नमाज कियामुल लैल है और पूरा सवाब है तहज्जुद खास सोकर उठने को कहते हैं सवाब में कमी नहीं.
Learn