कजा नमाज: छूटी नमाजों को कैसे अदा करें
सालों की छूटी नमाजों का आसान तरीका: तौबा करें, आज से नमाज न छोडें, हर फर्ज के साथ एक कजा पढें और अंदाजे से हिसाब पूरा करें।
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How to
Steps in order
- 1सच्ची तौबा करें और आज से कोई नमाज न छोडने का पक्का इरादा करें।
- 2अंदाजा लगाएं: छूटे साल गुणा 365 गुणा 5 नमाजें।
- 3हर फर्ज के साथ एक कजा पढें, रोज पांच कजा, असल रकात के साथ।
- 4हर कजा कॉपी में लिखें जब तक अंदाजा पूरा न हो।
- 5साथ में नफ्ल और इस्तिगफार बढाएं और अपने मामले पर आलिम से पूछें।
हुक्म और शुरुआत
बिना वजह नमाज छोडना बडा गुनाह है। अक्सर आलिम कहते हैं छूटी फर्ज नमाज कर्ज है, उसे कजा करना जरूरी है। अंदाजा न हो तो अंदाजे से गिनें। कुछ नए आलिम कहते हैं लंबी मुद्दत की नमाज सच्ची तौबा और नफ्ल से पूरी होती है। भरोसे के आलिम से पूछें।
हर राय में शुरुआत एक है: सच्ची तौबा, आज से कोई नमाज न छोडना और तुरंत कजा शुरू करना। शैतान कहता है हजारों नमाजें अब क्या फायदा। रोज एक कजा भी सालों का कर्ज खत्म कर देती है। थोडा पर लगातार करें।
हर फर्ज के साथ एक कजा और अंदाजा
आसान तरीका: पांचों नमाजों के साथ एक एक कजा पढें। फजर के साथ फजर की कजा, जुहर के साथ जुहर की। रोज पांच कजा बिना बोझ पूरी हो जाती हैं। कॉपी में हिसाब लिखें। हर कजा असल जैसी होगी: फजर 2, जुहर 4, असर 4, मगरिब 3, इशा 4 और वित्र।
कुल अंदाजा: छूटे साल गुणा 365 गुणा 5। कोई एक फार्मूला पूरी उम्र माफ नहीं करता। सच्चा अंदाजा और लगातार अदा ही सही रास्ता है। जुमे की जमात रखें और अल्लाह से कबूलियत मांगें जो लगातार छोटे अमल को पसंद करता है।
Sources & review
Sahih al-Bukhari and Sahih Muslim (the Prophet ﷺ made up missed prayers at and after their time); majority fiqh on qada obligation; Allah loves the most constant deed (Bukhari/Muslim)
Learn personal details from a qualified teacher; minor school differences exist.
Educational content — not a fatwa. See methodology and disclaimer.
Reviewed • 2026-01-01Our methodology
FAQ
Frequently asked questions
सालों की छूटी नमाज कैसे पढें
कुल का अंदाजा लगाएं और हर फर्ज के साथ एक कजा पढें। रोज पांच कजा लिखते जाएं और आज से बिना देर शुरू करें।
क्या कजा जरूरी है या तौबा काफी है
अक्सर आलिम कजा जरूरी कहते हैं। कुछ नए आलिम लंबी मुद्दत पर तौबा और नफ्ल को काफी कहते हैं। भरोसे के आलिम को मानें और अब कभी नमाज न छोडें।
क्या उम्र भर की कजा का कोई फार्मूला है
कोई तय फार्मूला नहीं है। सही अंदाजा लगाएं और लगातार अदा करते जाएं। यही सही तरीका है।
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