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Hikmah Noor
GuidePrayer (Salah)✆

इस्तिखारा - फैसले की नमाज step by step

इस्तिखारा शादी नौकरी सफर और हर बडे फैसले से पहले अल्लाह से बेहतरी मांगना है - दो रकात मशहूर दुआ फिर मशवरा और जमा हुआ दिल - ख्वाब जरूरी नहीं

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How to

Steps in order

  1. 1पहले मामले की जांच करें और नेक अनुभवी लोगों से मशवरा करें
  2. 2दिल की हाजिरी से दो नफल रकात पढ़ें
  3. 3इस्तिखारा की दुआ धीरे से पढ़ें और हाजल अम्र पर काम नाम लें
  4. 4जिधर दिल जमे उधर बढें - बडे फैसले के लिए रोज दोहराएं

तरीका

दो नफल रकात पढ़ें - पहली में सूरह काफिरून दूसरी में इखलास बेहतर है - फिर ध्यान से इस्तिखारा की दुआ पढ़ें - हाजल अम्र पर अपना काम नाम लें - हाथ उठाएं - दुआ हमारी दुआ pages में है

बाद में भरोसेमंद लोगों से मशवरा करें और अच्छी तरह जांच करें और जिधर दिल जमे उधर बढें - इस्तिखारा मेहनत और दुआ है - मेहनत के बिना दुआ नहीं - बडे फैसले के लिए कई रातें दोहराएं

ख्वाब एहसास और भ्रम

ख्वाब जरूरी नहीं - जवाब आसानी या रुकावट और दिल के इत्मीनान से मिलता है - हरे सफेद या काले लाल ख्वाब वाले chart की कोई बुनियाद नहीं - दूसरे से अपने लिए इस्तिखारा कराना अपनी सुन्नत का बदल नहीं

फर्ज या हराम में इस्तिखारा नहीं - सिर्फ जायज कामों में जिनमें असली choice हो - अच्छा रिश्ता या offer निशानी के इंतजार में न छोडें

Sources & review

Sahih al-Bukhari (istikhara dua and method taught like a surah of Quran)

Learn personal details from a qualified teacher; minor school differences exist.

Educational content — not a fatwa. See methodology and disclaimer.

Reviewed • 2026-01-01Our methodology

FAQ

Frequently asked questions

क्या इस्तिखारा के बाद ख्वाब जरूरी है

नहीं - ख्वाब जरूरी नहीं - दुआ जांच और मशवरे के बाद आसानी या रुकावट और जमा दिल देखें

क्या कोई मेरे लिए इस्तिखारा कर सकता है

अपनी दो रकात और दुआ ही सुन्नत है - दूसरे आपके लिए आम दुआ कर सकते हैं - paid इस्तिखारा service की कोई बुनियाद नहीं

कितनी बार दोहराएं

फैसले के वजन के हिसाब से कई रातें - एक बार की रस्म नहीं लगातार मांगना ही तरीका है

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