Skip to content
Hikmah Noor
GuidePillars in Practice✆

शाबान और शब ए बारात पंद्रहवीं रात - संतुलित सही guide

शाबान रमजान से बाहर सबसे ज्यादा रोजों वाला महीना है - पंद्रहवीं रात की रिवायतें बहस वाली पर उम्मीद भरी हैं - क्या करें क्या बचें - सही grading के साथ

Also searched as: shab e barat | 15 shaban | shaban fasting | shab e barat nawafil | shaban ki fazilat | शब ए बारात | पंद्रह शाबान | शाबान के रोजे | शब ए बारात नवाफिल

How to

Steps in order

  1. 1शाबान में खूब रोजे रखें और सारे कजा रोजे पूरे करें
  2. 2पंद्रहवीं रात अकेले नमाज तिलावत और तौबा उम्मीद से करें
  3. 3तेरह चौदह पंद्रह को सफेद दिनों के रोजे रखें बनावटी रस्म से नहीं
  4. 4पहले झगडे सुलझाएं - झगडालू रात की माफी से बाहर हैं

शाबान - भूला महीना

रजब और रमजान के बीच भूला महीना - आमाल उठाए जाते हैं इसलिए रोजे में उठना पसंद था - शाबान में कजा रोजे पूरे करें और रमजान से पहले की दुआ पढ़ें

रमजान के सिवा पूरा महीना कभी नहीं रखा - इसलिए शाबान में खूब पर पूरा महीना नहीं - कुरआन दोहराना और सदका मिलाएं - रमजान की तैयारी करें

पंद्रहवीं रात - बिना बनावट उम्मीद

पंद्रहवीं शबान को अल्लाह मखलूक को देखता है और मुशरिक और झगडालू के सिवा सबको माफ करता है - रिवायत कमजोर से ठीक है - संतुलित राय है उस रात अकेले नमाज तिलावत और इस्तिगफार उम्मीद से करें - बिना जमाअती बारात नमाजें मस्जिद सजावट आतिशबाजी कब्र दावतें या सौ रकात वाले formula के - सब बेबुनियाद हैं

पंद्रह का रोजा महीने के सफेद दिनों तेरह चौदह पंद्रह के हिस्से के रूप में रखें - अलग बारात रोजे की बनावटी रस्म से नहीं - पहले झगडे सुलझाएं - रिवायत खुद झगडालू को बाहर करती है

Sources & review

Sunan al-Nasai (neglected month); Sunan Ibn Majah (15th night - grading weak-to-fair, discussed)

Learn personal details from a qualified teacher; minor school differences exist.

Educational content — not a fatwa. See methodology and disclaimer.

Reviewed • 2026-01-01Our methodology

FAQ

Frequently asked questions

क्या शब ए बारात सही है

पंद्रहवीं रात की माफी वाली रिवायतें कमजोर से ठीक हैं - अकेले इबादत की उम्मीद के लिए काफी हैं - बनावटी जमाअती रस्मों के लिए नहीं

शब ए बारात की खास नमाज

सौ रकात या जमाअती formula साबित नहीं - हाजिरी से आम तहज्जुद और नफल पढ़ें

बारात पर आतिशबाजी और कब्र जाना

आतिशबाजी फिजूल और तकलीफ है - कब्रस्तान दावतें और सजावट बिदअत हैं - कब्रों पर कभी भी चुपचाप जाएं

Duas

Related duas

All duas

Learn

More guides

All guides