शबे कद्र - हजार महीनों से बेहतर रात
शबे कद्र में कुरान उतरा इसका सवाब तिरासी साल से अधिक है. अल्लाह ने इसे आखिरी दस रातों में छिपाया खास ताक रातों में तलाशें.
Also searched as: shab e qadr | laylatul qadr dua | qadr ki raat | shab e qadr ki dua | odd nights ramadan | शबे कद्र की रात | शबे कद्र की दुआ
How to
Steps in order
- 1इक्कीस से तीस तक दसों रात इबादत के लिए रोकें केवल सत्ताईस नहीं.
- 2हर रात इमाम के साथ तरावीह फिर धीमी तहज्जुद.
- 3कद्र दुआ अल्लाहुम्मा इन्नका अफुव्वुन सैकडों बार दोहराएं.
- 4हर रात सदका दें घर जगाएं और सहरी से पहले इस्तिगफार करें.
कब और कैसे तलाशें
नबी का हुक्म है आखिरी दस की ताक रातों इक्कीस, तेईस, पच्चीस, सत्ताईस, उन्तीस में तलाशो. दसों रात इबादत करो तरावीह, तहज्जुद, कुरान, सदका व कद्र दुआ अल्लाहुम्मा इन्नका अफुव्वुन.
निशानियां शांत रात व सुबह नरम सूरज बाद में पहचानी जाती हैं निशानी न दिखे तो कोई रात न छोडें सत्ताईस प्रबल अनुमान है पक्का नहीं.
रात में क्या करें
लंबी रकात धीमी किरात से पढें रोकर दुआ करें हर रात थोडा सदका दें और कद्र दुआ बार बार पढें आयशा को यही सिखाई गई थी. एक पारा समझकर व एक घंटा दुआ सूची से बेहतर है.
फोन दूर रखें घर वालों को जगाएं नबी घर जगाते थे और सहरी समय इस्तिगफार पर रात बंद करें फज्र पर रात खत्म.
Sources & review
Quran 97 (Surah al-Qadr); Sahih al-Bukhari and Sahih Muslim (seek it in the odd nights)
Learn personal details from a qualified teacher; minor school differences exist.
Educational content — not a fatwa. See methodology and disclaimer.
Reviewed • 2026-01-01Our methodology
FAQ
Frequently asked questions
क्या शबे कद्र सत्ताईस को तय है
नहीं हर साल ताक रातों में बदलती है सत्ताईस प्रबल अनुमान है गारंटी नहीं.
कद्र की दुआ क्या है
अल्लाहुम्मा इन्नका अफुव्वुन तुहिब्बुल अफवा फाफु अन्नी आयशा को इसी रात के लिए सिखाई गई.
क्या हैज वाली महिलाएं महरूम हैं
नहीं नमाज रुकती है पर जिक्र, दुआ, सदका व तिलावत सुनना पूरा सवाब देता है.
Duas
Related duas
Learn