नकली राकी और तावीज धोखा: 7 खतरे की निशानियां
नकली आमिल पैसा और ईमान दोनों लूटते हैं। बडी फीस, तन्हाई, न समझ आने वाले तावीज और गारंटी जैसे 7 धोखों को पहचानें और भरोसे का तरीका सीखें।
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How to
Steps in order
- 1किसी राकी के पास जाने से पहले 7 निशानियां याद करें।
- 2खुद रुक्या को अपनाएं, मुफ्त महफूज और सुन्नत तरीका।
- 3मदद चाहिए तो परखें: साफ कुरान, छूना नहीं, तन्हाई नहीं, बडी फीस नहीं।
- 4न समझ आने वाले तावीज, मां के नाम वाली पहचान और गारंटी ठुकराएं।
- 5धोखेबाज की शिकायत आलिम और प्रशासन से करें ताकि और लोग बचें।
7 खतरे की निशानियां
पहली: डर बढाकर बडी फीस मांगना। सच्चा रुक्या मुफ्त या बहुत कम खर्च में होता है। दूसरी: औरत से तन्हाई या छूना। तीसरी: न समझ आने वाले तावीज, खाने, नंबर और अजीब नाम। ऐसी चीज कभी जायज रुक्या नहीं।
चौथी: गारंटी से इलाज का वादा। शिफा सिर्फ अल्लाह देता है। पांचवीं: मां का नाम, फोटो, कपडे मांगना। यह ज्योतिषी का तरीका है। छठी: हराम काम बताना जैसे कुर्बानी या कब्र के अमल। सातवीं: गैब जानने का दावा। इन सबसे दूर भागें।
भरोसे का राकी और खुद रुक्या का नियम
भरोसे वाला साफ कुरान और सही दुआ जोर से पढता है, फीस नहीं या बहुत कम लेता है, छूता नहीं, तन्हा नहीं करता, सिर्फ समझ आने वाली दुआ लिखता है, नमाज और खुद रुक्या सिखाता है और बीमारी पर डॉक्टर के पास भेजता है। शोहरत या फॉलोअर से न परखें।
सबसे अच्छा खुद रुक्या है: फातिहा, आयतुल कुर्सी और मुअव्विजात खुद पर पढना मुफ्त, महफूज और सुन्नत है। घर के हर सदस्य को यह तरीका सिखाएं तो धोखेबाजों का बाजार खत्म हो जाएगा। धोखेबाज की खबर आलिम और प्रशासन को दें।
Sources & review
Sahih Muslim (fortune-teller: forty nights rejected; ruqyah free of shirk permitted); Sunan Abu Dawud (unintelligible ruqyah questioned); Quran 27:65 (none knows the unseen but Allah)
Learn personal details from a qualified teacher; minor school differences exist.
Educational content — not a fatwa. See methodology and disclaimer.
Reviewed • 2026-01-01Our methodology
FAQ
Frequently asked questions
असली राकी कैसे पहचानें
जोर से कुरान और सही दुआ, छूना और तन्हाई नहीं, फीस बहुत कम, सिर्फ साफ लिखाई, नमाज और खुद रुक्या की ताकीद और बीमारी पर डॉक्टर की सलाह। छह बातें जरूरी हैं।
क्या तावीज पहनना जायज है
न समझ आने वाला तावीज नाजायज है। कुरानी तावीज को भी बहुत आलिम नापसंद कहते हैं। खुद पढकर दम करना सबसे महफूज सुन्नत है।
वह मां का नाम क्यों मांगता है
यह ज्योतिषी की पहचान का तरीका है, रुक्या नहीं। तुरंत वहां से चले जाएं। ऐसे के पास जाने से चालीस रात नमाज कबूल नहीं होती।
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