Skip to content
Hikmah Noor
GuideAqeedah (Beliefs)✆

तौहीद - एकत्व की तीन श्रेणियां

तौहीद अल्लाह को पालन, इबादत और नामों में अकेला मानना है। वही पैदा करता और पालता है, वही इबादत के लायक है और उसके नाम गुण पूर्ण हैं।

Also searched as: tawheed ki aqsam | types of tawhid | tawheed rububiyyah uluhiyyah | allah ki wahdaniyat | तौहीद की किस्में | अल्लाह की एकता | tawheed types hindi

How to

Steps in order

  1. 1अल्लाह को अकेला रब, माबूद और पूर्ण नामों वाला मानें।
  2. 2हर इबादत दुआ, कुर्बानी, भरोसा केवल उसी के लिए करें।
  3. 3उसके 99 नाम अर्थ सहित सीखें।
  4. 4रोज की आदतों में छिपे शिर्क की जांच करें। तावीज, राशिफल, दिखावा।

तीन श्रेणियां

रुबूबियत। अल्लाह अकेला बनाने वाला, मालिक, रोजी देने वाला और फैसला करने वाला है। उलूहियत। हर इबादत नमाज, दुआ, कुर्बानी और मन्नत केवल अल्लाह के लिए है। किसी और को देना शिर्क है।

अस्मा व सिफात। जो अल्लाह ने अपने लिए तय किया उसे मानें। सुनना, देखना, अर्श पर बुलंद होना। बिना मखलूक से मिलाए, बिना अर्थ बदले और बिना इनकार के।

रोजमर्रा में क्यों जरूरी है

तौहीद जन्नत की कुंजी है और तराजू में सबसे भारी है। इसका उल्टा शिर्क बिना तौबा अमल मिटा देता है। हर दुआ, भरोसा और डर तौहीद से गुजरना चाहिए।

अल्लाह के नाम सीखकर, तावीज और ज्योतिष से बचकर और नियत जांचकर इसकी हिफाजत करें। दिखावा छोटा शिर्क है।

Sources & review

Quran 112 (Surah Al-Ikhlas); Quran 20:14; Sahih al-Bukhari and Sahih Muslim (Tawhid narrations)

Learn personal details from a qualified teacher; minor school differences exist.

Educational content — not a fatwa. See methodology and disclaimer.

Reviewed • 2026-01-01Our methodology

FAQ

Frequently asked questions

तौहीद की तीन किस्में क्या हैं

रुबूबियत वही बनाने वाला, उलूहियत वही माबूद, अस्मा व सिफात बिना मिसाल पूर्णता।

क्या तौहीद केवल कलमा कहना है

कलमा कुंजी है। तौहीद इसे जीना है। केवल उसी की इबादत, केवल उसी पर भरोसा और सबसे बढ़कर उसी की आज्ञा।

बच्चों को तौहीद कैसे सिखाएं

तुम्हें किसने पैदा किया। हम किससे मांगते हैं। हमें हमेशा कौन देखता है। कुरान के जवाब वाले छोटे सवाल, प्रेम से दोहराए हुए।

Duas

Related duas

All duas

Learn

More guides

All guides
अकीदा क्या है - हर मुसलमान के बुनियादी विश्वासअकीदा दिल का पक्का विश्वास है। अल्लाह, फरिश्तों, किताबों, रसूलों और आखिरी दिन के बारे में हर मुसलमान को क्या मानना जरूरी है। अमल से पहले अकीदा सही करें।फरिश्तों और आसमानी किताबों पर ईमानफरिश्तों पर ईमान - इज्जत वाले बंदे जो नाफरमानी नहीं करते - और अल्लाह की उतारी किताबों पर - तौरात, जबूर, इंजील, कुरान - कुरान सबसे आखिर में निगरानी वाली।रसूलों पर ईमान और खत्म ए नुबूवतअल्लाह ने हर कौम में रसूल भेजे एक बुलावे के साथ - सिर्फ अल्लाह की इबादत करो। मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम आखिरी रसूल हैं, उनके बाद कोई नबी नहीं।तकदीर - किस्मत और इंसानी कोशिश की व्याख्यातकदीर अल्लाह का पूर्ण ज्ञान, लिखना, चाहत और हर चीज को पैदा करना है। साथ में इंसान सच में चुनता है और सवाब या दोष कमाता है।