मौत और जनाजा गाइड: चेकलिस्ट और वसीयत
पहले घंटों के काम, गुसल कफन जनाजा दफन का क्रम, वसीयत का नमूना और विरासत के हिस्सों का लिंक।
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How to
Steps in order
- 1मौत पर आंख बंद करें, जिस्म ढकें, कर्ज लिखें, परिवार और मस्जिद को बताएं।
- 2गुसल कफन जनाजा और जल्दी दफन किबला की तरफ करें।
- 3खामोशी से सब्र करें, सदका जारिया इल्म और नेक दुआ भेजें।
- 4आज वसीयत लिखें: कर्ज, जनाजा wish, एक तिहाई तक वसीयत, सरपरस्त।
- 5बाकी विरासत के हिस्सों से बांटें और कानून से मिलाएं।
पहले घंटे और जनाजे का क्रम
मौत पर: आंखें बंद करें, जिस्म ढकें, कर्ज कागज पर लिखें, परिवार और मस्जिद को खबर दें और तीन काम जल्दी करें। उसी दिन दफन सुन्नत है। क्रम: गुसल ताक अदद में, कफन मर्द को तीन और औरत को पांच कपडे, जनाजे की चार तकबीर वाली नमाज, फिर किबला की तरफ दफन।
चीख पुकार, गाल पीटना और कपडे फाडना हराम है। खामोश आंसू जायज हैं। इन्ना लिल्लाहि कहें, कब्र जाएं और सदका जारिया करें। मैयत को दुआ, इल्म और नेक औलाद की दुआ पहुंचती है। किराए के कारी और तय दिन की दावत का सबूत नहीं।
वसीयत का नमूना और विरासत
हर बालिग को आज वसीयत लिखनी चाहिए। नबी ने कहा दो रात भी बिना लिखी वसीयत न गुजारो। क्रम: पहले कर्ज, फिर जनाजे की वसीयत सादा दफन, फिर एक तिहाई तक गैर वारिस के लिए वसीयत, नाबालिग बच्चों के सरपरस्त, फिर जायदाद पासवर्ड और लेन देन। दस्तखत, तारीख, गवाह और महफूज जगह जरूरी है।
कर्ज और वसीयत के बाद बाकी विरासत अल्लाह के तय हिस्सों से बंटेगी, आपसी झगडे से नहीं। मिरास कैलकुलेटर से सही हिस्सा निकालें। अपने देश के कानून से वसीयत मिलाएं ताकि वकील इसे लागू करा सके।
Sources & review
Quran 4:11-12, 176 (mirath shares); Sahih al-Bukhari and Sahih Muslim (wasiyyah duty; washing; janaza; wailing forbidden; three continuing deeds)
Learn personal details from a qualified teacher; minor school differences exist.
Educational content — not a fatwa. See methodology and disclaimer.
Reviewed • 2026-01-01Our methodology
FAQ
Frequently asked questions
मुस्लिम मौत पर पहले क्या करें
आंख बंद करें, जिस्म ढकें, कर्ज लिखें, परिवार और मस्जिद को बताएं, फिर गुसल कफन जनाजा और जल्दी दफन करें। उसी दिन दफन सुन्नत है।
इस्लामी वसीयत में क्या लिखें
पहले कर्ज, जनाजे की wish, गैर वारिस के लिए एक तिहाई तक, नाबालिग के सरपरस्त, जायदाद का हिसाब। दस्तखत गवाह और महफूज जगह के साथ कानून से मिलाएं।
विरासत में किसे क्या मिलेगा
कर्ज और वसीयत के बाद बीवी मां बाप औलाद को कुरानी तय हिस्से मिलते हैं। अपने मामले के लिए मिरास कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।
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