शव्वाल के छह रोजे - पूरे साल का सवाब
जो रमजान के बाद शव्वाल में छह रोजे रखे उसे पूरे साल का सवाब मिलता है - लगातार या अलग अलग - कजा पहले या शव्वाल पहले - नियत मिलाना - सब विस्तार से
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How to
Steps in order
- 1ईद के दिन रोजा न रखें - दूसरी शव्वाल से शुरू करें
- 2अपने मत और बचे दिनों के हिसाब से कजा पहले या शव्वाल पहले तय करें
- 3कोई छह दिन रखें - लगातार या सोमवार जुमेरात को
- 4शव्वाल और सोमवार की नियत मिलाएं पर कजा अलग रखें
सवाब और तरीका
रमजान के साथ शव्वाल के छह मिलकर साल भर के रोजों के बराबर हैं - क्योंकि नेकी दस गुना है - शव्वाल में कोई छह दिन रखें - ईद के दूसरे दिन से लगातार या सोमवार और जुमेरात को दोहरा सवाब लें
पहली शव्वाल ईद के दिन रोजा हराम है - दूसरी से शुरू करें - जिनके रमजान के कजा रोजे हों वे नीचे वाला नियम देखें
कजा पहले या शव्वाल पहले
कई विद्वान पहले रमजान की कजा पूरी करने को कहते हैं क्योंकि हदीस में पहले पूरा रमजान कहा गया - हनफी और शाफई समय कम हो तो पहले शव्वाल की अनुमति देते हैं और कजा अगले रमजान से पहले - दोनों मशहूर राय हैं - अपने मत पर चलें
शव्वाल और सोमवार की एक नियत में दो सवाब मिल सकते हैं - कजा और शव्वाल को एक दिन में मिलाना विवादित है - सब मतों के लिए अलग अलग रखें
Sources & review
Sahih Muslim (six of Shawwal equals a year); Quran 6:160 (tenfold reward)
Learn personal details from a qualified teacher; minor school differences exist.
Educational content — not a fatwa. See methodology and disclaimer.
Reviewed • 2026-01-01Our methodology
FAQ
Frequently asked questions
क्या शव्वाल के छह लगातार जरूरी हैं
नहीं - शव्वाल में कोई छह दिन काफी हैं - लगातार आसान है और सोमवार जुमेरात में दोहरा सवाब है
कजा पहले या शव्वाल पहले
कई विद्वान पहले कजा कहते हैं - हनफी शाफई समय कम हो तो पहले शव्वाल कहते हैं - अपने मत पर चलें
क्या एक रोजा कजा और शव्वाल दोनों के लिए
विवादित है - सब मतों के लिए अलग रखें - शव्वाल को सोमवार जुमेरात से मिलाना ठीक है
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