कुर्बानी के गोश्त की तकसीम - तीन हिस्से कसाई का नियम और खाल
एक तिहाई खाओ एक तिहाई दो एक तिहाई गरीब को दो - तकसीम की सुन्नत - कसाई को गोश्त में मजदूरी क्यों नहीं - खाल का क्या करें
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How to
Steps in order
- 1गोश्त तौलकर घर रिश्तेदार और गरीब के तीन हिस्से करें
- 2गरीब का हिस्सा ईद के दिन ही ताजा पहुंचाएं
- 3कसाई को नकद दें - पूरी मजदूरी के बाद ही गोश्त तोहफे में दें
- 4खाल या उसकी कीमत गरीब या तालिबों को दान करें
तीन हिस्से और आयत
खाओ और संतोषी और मांगने वाले को खिलाओ - एक हिस्सा घर के लिए - एक रिश्तेदार दोस्त और पडोसी के लिए - एक गरीब के लिए - ठीक तीन हिस्से बेहतर हैं फर्ज नहीं - गरीब का हिस्सा कभी न छोडें
गरीब का हिस्सा ताजा ही पहुंचाएं - शहरों में दस तारीख को ही मस्जिद points से दें ताकि ईद के दिन कोई न मांगे
कसाई खाल और भंडारण
कसाई को गोश्त या खाल में मजदूरी कभी न दें - मजदूरी अलग नकद है - पूरी मजदूरी के बाद तोहफे में गोश्त दे सकते हैं - खाल सदका करें गरीब दीन के तालिब या राहत fund को - बेचकर अपने काम में न लें - बेचने पर कीमत भी सदका है
हिस्से तौलकर label करें जल्दी fridge में रखें और साधा हिसाब रखें - कितने हिस्से आए कितने गए - कुर्बानी कागज के साथ इबादत है
Sources & review
Quran 22:36 (eat and feed); Sahih al-Bukhari and Sahih Muslim (butcher wages; the Prophet’s distribution)
Learn personal details from a qualified teacher; minor school differences exist.
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Reviewed • 2026-01-01Our methodology
FAQ
Frequently asked questions
क्या ठीक तीन हिस्से फर्ज हैं
बेहतर हैं फर्ज नहीं - गरीब का हिस्सा ही जरूरी हिस्सा है
क्या कसाई मजदूरी में गोश्त ले सकता है
नहीं - इससे मना किया गया है - नकद मजदूरी दें फिर चाहें तो गोश्त तोहफे में दें
खाल बेचकर पैसे रख सकते हैं
नहीं - खाल या उसकी कीमत सदका होगी - निजी काम में नहीं
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