मीना, अरफात व मुजदलिफा - हज के दिन
हज तीन ठहराव से गुजरता है. मीना में तैयारी का दिन, अरफात का ठहराव जो हज है और मुजदलिफा की रात कंकरी चुनना.
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How to
Steps in order
- 1आठ को हज का एहराम बांधें मीना में दिन रात रहें.
- 2नौ को दोपहर से सूरज डूबने तक अरफात में दुआ करें यही हज है.
- 3सूरज डूबने के बाद मुजदलिफा जाएं मगरिब इशा मिलाकर पढें और आराम करें.
- 4कंकरी चुनें फज्र जल्दी पढें दुआ करें और सूरज से पहले निकलें.
आठवीं से नौवीं तारीख
आठ को हज का एहराम बांधें मीना में दिन रात रहें हर नमाज समय पर छोटी करके पढें. नौ को सुबह अरफात जाएं दोपहर से सूरज डूबने तक दुआ में ठहरें हज अरफात ही है इसे छोडने से हज नहीं होता.
अरफात में खुतबा और जुहर असर एक साथ फिर घंटों दुआ सबसे अच्छी दुआ ला इलाहा इल्लल्लाह वाली है.
मुजदलिफा की रात
सूरज डूबने के बाद शांत होकर मुजदलिफा जाएं रास्ते में मगरिब न पढें पहुंचकर मगरिब व इशा एक साथ पढें खुले आसमान में आराम करें और कंकरी चुनें. फज्र जल्दी पढें मशअरुल हराम पर दुआ करें फिर सूरज से पहले निकलें.
Sources & review
Sahih al-Bukhari and Sahih Muslim (Hajj of the Prophet ﷺ, Arafah standing, Muzdalifah)
Learn personal details from a qualified teacher; minor school differences exist.
Educational content — not a fatwa. See methodology and disclaimer.
Reviewed • 2026-01-01Our methodology
FAQ
Frequently asked questions
अरफात का ठहराव छूट जाए तो क्या होगा
दोपहर से फज्र तक अरफात न मिले तो उस साल का हज नहीं होता अगले साल दोहराना होगा.
कितनी कंकरी चुनें
कम से कम उनचास दसवीं के सात और ग्यारह बारह के इक्कीस इक्कीस तेरह रुकें तो अधिक सत्तर चुनना सुरक्षित है.
क्या बुजुर्ग मुजदलिफा छोड सकते हैं
कमजोर, बुजुर्ग और उनके मददगार आधी रात के बाद जा सकते हैं यह छूट है.
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