रमजान की आखिरी दस रातों का प्लान
दस रातें रमजान तय करती हैं. हर रात दोहराया जाने वाला प्लान तरावीह, एक पारा, तहज्जुद, सौ कद्र दुआ, सदका जो शबे कद्र दिलाए.
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How to
Steps in order
- 1बीस से पहले दस रात की दुआ सूची व हर रात सदका लिफाफा तैयार करें.
- 2हर रात पूरी तरावीह, एक पारा, तहज्जुद, सौ कद्र दुआ.
- 3जुहर के बाद सोएं मगरिब से फज्र तक नोटिफिकेशन बंद रखें.
- 4घर वालों को जगाएं और हर रात सहरी समय इस्तिगफार पर बंद करें.
हर रात का खाका इशा से फज्र
इमाम के साथ इशा व पूरी तरावीह पढें पूरी रात का सवाब लिखा जाता है. घर में एक पारा तर्जुमे के नोट सहित, दो रकात धीमी तहज्जुद, सौ बार कद्र दुआ, हर रात अलग सदका और लिखी दुआ सूची परिवार, उम्मत व आखिरत के लिए.
हर रात एक विषय रखें शुक्र, मां बाप, माफी, रिज्क, उम्मत, आखिरत ताकि दसों रात दुआ ताजा रहे एक सूची न दोहराएं.
रातों की हिफाजत
जुहर के बाद क़ैलूला करें ताकि रात चुस्त रहें बीस से पहले काम निपटाएं मगरिब से फज्र तक नोटिफिकेशन बंद रखें. नबी कमर कस लेते रात जगाते व घर जगाते थे आखिर में मेहनत बढती है.
कागज पर हर रात लिखें नमाज, पारा, दुआ गिनती, सदका जो नापा जाता है वह पूरा होता है यह अगले साल की बुनियाद है.
Sources & review
Sahih al-Bukhari and Sahih Muslim (the Prophet’s exertion in the last ten)
Learn personal details from a qualified teacher; minor school differences exist.
Educational content — not a fatwa. See methodology and disclaimer.
Reviewed • 2026-01-01Our methodology
FAQ
Frequently asked questions
हर रात कितनी इबादत काफी है
नियमितता लंबी एक रात से बेहतर है पूरी तरावीह, एक पारा, कुछ तहज्जुद व कद्र दुआ से रात मिल जाती है.
क्या काम के साथ रात बांट सकते हैं
हां तरावीह के बाद व सहरी से पहले दो किनारों में पढें बीच में सोएं दोनों किनारे बरकत वाले हैं.
पहले बीस दिन छूट गए तो क्या करें
आखिरी दस पहले बीस से भारी हैं आज से शुरू करें देर से आकर कद्र पाने वाला सोने वाले से आगे है.
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